गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

कर्म धर्म शब्द व्यर्थ है

कर्म धर्म शब्द व्यर्थ है: कर्म धर्म शब्द व्यर्थ है,जब तक मन में द्वेष है।कर्म धर्म का मर्म नहीं,जब तक.....

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