मंगलवार, 14 नवंबर 2017

"सूरज उगायेंगे "

" सूरज उगायेंगे "

बचपन को  याद करके -
अपनी मंजिल बना लेंगे |

अनमोल यादें साझाकर -
अन्धेरा मिटा देंगे |

वही ! बही जहरीली हवा -
कवायत डिगा देंगे ?

भ्रष्टाचारी मुक्त देश-
बनाकर दिखला देंगे |

कोशिशों में अपना राष्ट्र -
सूरज खुद उगा लेंगे ||

सुखमंगल गान

सुखमंगल गान 

एक दिन आप 
इतने बड़े कवि बन जायेंगे 
कि लोग - बाग़ आपको 
छू भी नहीं पायेंगे 
आपके सभी आलोचक 
हवा हो जायेंगे 
सुखमंगल गान मिलकर सब गायेंगे 
वे दिन जल्दी आयेंगे |
           हस्ताक्षर-चपाचाप बनारसी 
                  १२/११/२०१७ 
        दिन १ बजकर ६ मिनट 
         (अजीत श्रीवास्तव )
काली महल वाराणसी ,उत्तर प्रदेश ,भारत |

शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

"करवा चौथ "


"करवा चौथ "

भूखे रहकर निर्जला स्त्रियाँ रखतीं है ब्रत,
भारत को देख इसी लिये सब रहते हतप्रध |
वी. डी. ओ. कालिंग से तोड़ते अपना ब्रत,
प्रियतम को पाकर प्यारी भी हो गई हकवत |
निराजल ब्रत रहकर भूखे दिन बिताये शक्त,
कृपा प्रभु हो गोल्ड मेडल ले आये भक्त |
भारत यूं ही नहीं संस्कृति पर भरता है दंभ,
सभ्यता-संस्कृति- संस्कार उसका है अवलम्ब |
परम्परा और प्यार का प्रतीक करवा चौथ,
देश -परदेश मन बहलने लगा करवा चौथ |
गुनगुना रहा है गीत- संगीत रात का चाँद,
चुडिया- कंगना सजने लगी है करवा चौथ |
बीती रात को ही प्यार समझाने लगा चाँद,
सुहाग सुहावन सुखद दीप जलाने लगा चाँद |
चांदनी रात में प्रेमी-पिया मिलाने लगा चाँद,
भूखे -प्यासे को 'मंगल' प्यार लुटाने लगा चाँद ||

शनिवार, 18 जून 2016

"हिन्दी काव्य संकलन": मीना कुमारी


"व्यायाम "-सुखमंगल सिंह 'मंगल '
नार्वे से आया फरमान 
बचालो पंचों अपनी जान !
याद करो वह अपना धाम 
शारीरिक श्रम बनाये काम |
बचाता डिप्रेशन व्यायाम ,
शरीर क्षमता हो बलवान |
शोधकरता पहुचे मुकाम ,
मानसिक बीमारी सुरधाम !
वयस्कों पर आया अध्ययन,
डिप्रेशन से न हों अनजान |
उल्लेखनीय कमी का अनुमान ,
व्यायाम सुगम बनाया काम |
'मंगल' क कर करे प्रणाम,
दवा से मुक्ति दे व्यायाम 

बुधवार, 8 जून 2016

"संगीत -सुरन माँ तान"

 देश बढ़ा देश बनेगा ,

विश्व जहान में महान |

नौजवान मिल गायेंगे ,

भारत माँ का गान |

बीरता रही वन्दनीय ,

सपूत सदा महान |

बच्चे -बूढ़े सब गाते ,

भारत का गुणगान |

प्रेमी -जन प्रेम पथ सो

संगीत -सुरन माँ तान |

माता -बहनें मिल बोलीं

जयजवान -जयकिसान |

मेरा भारत महान बोलो ,

बोलो! मेरा भारत महान ||

सोमवार, 30 मई 2016

कर्म करते चल

कर्म  करते  चलो /धर्म  पर  चलो |
जिन्दगी लम्बी /सत्कर्म को चलो || 
                (२)
"गाड़ी चली सडक "
चलती कभी ठेला गाड़ी,
रही बैल -भैसे की सवारी |
इक्का तांगा रिक्सा रिवाजी ,
सड़क न थी भारी लाचारी |